रुद्रपुर (उधम सिंह नगर): जनपद के रुद्रपुर क्षेत्र में मानवता को गौरवान्वित करने वाला एक विरल मामला सामने आया है। यहाँ ‘भारत सेवा टीम’ के सदस्यों ने एक घायल युवक के प्राण बचाने हेतु न केवल तत्परता दिखाई, बल्कि एक अत्यंत कठिन और साहसिक निर्णय लेते हुए एंबुलेंस में रखे शव को नीचे उतारकर पहले घायल को अस्पताल पहुंचाया।
तड़पते घायल को देख बदला निर्णय जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब आठ बजे भारत सेवा टीम एक लावारिस शव को अंतिम संस्कार के लिए एंबुलेंस से चित्रशिला घाट, रानीबाग ले जा रही थी। यह शव वही था जो दो दिन पूर्व काशीपुर हाईवे पर एक सड़क हादसे में बुरी तरह क्षत-विक्षत अवस्था में मिला था। इसी दौरान टीम की नजर सड़क किनारे तड़प रहे 22 वर्षीय युवक राजू पर पड़ी। मुरादाबाद के कुंदरकी निवासी राजू के हाथ वाहनों की चपेट में आने से बुरी तरह कुचले जा चुके थे और वह जीवन-मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहा था।
शव की निगरानी और त्वरित उपचार परिस्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीम के सदस्य ललित बिष्ट और अन्य साथियों ने तत्काल निर्णय लिया कि मृत देह के अंतिम संस्कार से पूर्व जीवित व्यक्ति की रक्षा करना उनका प्राथमिक कर्तव्य है। टीम ने एंबुलेंस से शव को सुरक्षित नीचे उतारा और सड़क पर ही एक सदस्य को उसकी निगरानी के लिए तैनात किया। इसके पश्चात, एंबुलेंस के जरिए घायल राजू को अविलंब अस्पताल पहुंचाया गया, जहां समय पर उपचार मिलने से उसकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई और अंतिम संस्कार घटना की सूचना मिलते ही सिडकुल पुलिस चौकी की टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटना के जिम्मेदार डंपर चालक को हिरासत में ले लिया है। घायल को अस्पताल में भर्ती कराने के पश्चात, भारत सेवा टीम ने पुनः अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए शव को चित्रशिला घाट पहुंचाया और विधि-विधान के साथ उसका दाह संस्कार संपन्न किया।
संस्था के इस निस्वार्थ प्रयास और साहसिक निर्णय की पूरे जनपद में सराहना की जा रही है। यह घटना सिद्ध करती है कि विषम परिस्थितियों में भी यदि संवेदनाएं जीवित हों, तो किसी के बुझते हुए जीवन के दीप को पुनः प्रज्वलित किया जा सकता है।
