Screenshot_47

आतंक का ‘हैंडलर’ शाबिर: 21 साल, 3 बार जेल, लेकिन नहीं बदला इरादा; हाफिज सईद और लखवी के इशारे पर बुन रहा था देशव्यापी जाल

नई दिल्ली/कोलकाता। लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के खतरनाक आतंकी शाबिर अहमद को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पिछले दो दशकों से आतंक की दुनिया में सक्रिय शाबिर तीन बार जेल जाने के बाद भी नहीं सुधरा, बल्कि अब वह एक ‘हैंडलर’ के रूप में उभरकर सामने आया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, शाबिर न केवल 26/11 के मास्टरमाइंड हाफिज सईद और जकीउर रहमान लखवी के संपर्क में था, बल्कि वह अब कश्मीर के बाहर दिल्ली, कोलकाता और हरियाणा जैसे राज्यों में अपना आधार (Base) मजबूत कर रहा था।

कट्टरपंथ से ट्रेनिंग तक का सफर

शाबिर के आतंकी बनने की कहानी 2004-05 में गांदरबल (कश्मीर) से शुरू हुई थी, जहाँ लश्कर के आतंकी अबू हुजैफा ने उसके जेहन में जहर भरा था।

  • आतंकी ट्रेनिंग: शाबिर दो बार पाकिस्तान जाकर विशेष आतंकी ट्रेनिंग ले चुका है।

  • पुराना नेटवर्क: 2016 में वह सज्जाद गुल के साथ पकड़ा गया था, जो आज पाकिस्तान में बैठकर ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) चला रहा है। सज्जाद के लिए शाबिर भारत और बांग्लादेश में सबसे भरोसेमंद मोहरा बन गया था।

नया मिशन: कश्मीर से कोलकाता और दिल्ली तक

2025 में अपने आका सुमामा बाबर के निर्देश पर शाबिर ने अपनी रणनीति बदली। उसने कश्मीर छोड़ हरियाणा के गुरुग्राम को अपना ठिकाना बनाया और वहां से युवाओं को गुमराह करना शुरू किया।

  • पोस्टर साजिश: सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन के पास देशविरोधी पोस्टर लगवाना महज प्रचार नहीं, बल्कि एक ‘टेस्टिंग’ थी। वह देखना चाहता था कि उसके द्वारा भर्ती किए गए लड़के भीड़भाड़ वाले इलाकों में कितनी प्रभावी ढंग से काम कर सकते हैं।

  • कोलकाता बेस: शाबिर ने कोलकाता के हाथी यारा गोथे इलाके को अपना नया केंद्र बनाया था। वह तमिलनाडु से अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों को कोलकाता लाकर एक बड़े हमले की फिराक में था।

NIA की जांच: 7 विदेशी नागरिकों की हिरासत बढ़ी

इसी आतंकी साजिश से जुड़े मामले में एनआईए (NIA) की विशेष अदालत ने सात विदेशी नागरिकों की हिरासत 10 दिन के लिए बढ़ा दी है। अदालत ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं, जैसे—ये आरोपी म्यांमार क्यों गए थे? ड्रोन का उपयोग करने का इनका असल उद्देश्य क्या था? और क्या भारत का कोई विद्रोही समूह इनसे सीधे तौर पर जुड़ा है?

error: Content is protected !!