लखनऊ सिसेंडी कांड: कत्ल के बाद दरिंदगी और शव के पास बैठकर शराब, मोहनलालगंज के हत्यारे ने मुठभेड़ में उगला खौफनाक सच
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के सिसेंडी गांव में हुए दिव्यांग मां-बेटे के दोहरे हत्याकांड ने न केवल राजधानी बल्कि पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार हुए आरोपी किशन रावत ने पूछताछ में जो खुलासे किए हैं, वे रूह कंपा देने वाले हैं। राजमिस्त्री का काम करने वाला किशन न केवल एक हत्यारा साबित हुआ, बल्कि उसने इंसानियत की सारी हदें पार करते हुए मृतका के शव के साथ भी दरिंदगी की। आरोपी का घर पीड़िता के घर से महज 50 मीटर की दूरी पर था और वह अक्सर उनकी दुकान पर सामान लेने आता था, लेकिन शराब और वासना के नशे में उसने एक हँसते-खेलते परिवार को बेरहमी से उजाड़ दिया।
पुलिस जांच और आरोपी के कबूलनामे के अनुसार, वारदात वाले दिन किशन नशे में धुत होकर घर में घुसा था और महिला के साथ जबरदस्ती करने लगा। जब महिला के दिव्यांग बेटे ने शोर मचाने की कोशिश की, तो आरोपी ने क्रूरता की सारी सीमाएं लांघ दीं। उसने पहले बेटे को पीट-पीटकर अधमरा किया और फिर उसे पानी के टब में डालकर मार डाला। इसके बाद उसने महिला की गला घोंटकर हत्या कर दी। सबसे ज्यादा चौंकाने वाला खुलासा यह है कि हत्या के बाद आरोपी ने महिला के शव के साथ दुष्कर्म किया और वहीं बैठकर शराब पी। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने बड़े ही इत्मीनान से पान मसाला खाया और दरवाजे को बाहर से बंद कर वहां से निकल गया।
इस जघन्य कांड का खुलासा तब हुआ जब एक प्रत्यक्षदर्शी ने किशन को घर से बाहर निकलते देखा और बाद में गांव में हत्या की खबर फैलते ही पुलिस को सूचित किया। पुलिस की चार टीमें आरोपी की तलाश में जुटी थीं और बुधवार देर रात हुल्लास खेड़ा इलाके में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में किशन को गिरफ्तार कर लिया गया। जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी है, जबकि उसकी फायरिंग से एक सिपाही भी घायल हुआ है। एसीपी विकास कुमार पांडेय के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आरोपी के बयानों के आधार पर अब मुकदमे में दुष्कर्म की धाराएं भी बढ़ाई जाएंगी। आरोपी की पत्नी और उसके दो बच्चे भी उसकी इस घिनौनी करतूत से सदमे में हैं।
