वर्तमान दौर में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण बड़ी संख्या में लोगों ने साधारण टेबल सॉल्ट को छोड़कर सेंधा नमक (Rock Salt) को अपनी डाइट का हिस्सा बना लिया है। इसे ‘नेचुरल’ और ‘सुरक्षित’ मानकर असीमित मात्रा में उपयोग किया जा रहा है। लेकिन क्या वास्तव में सेंधा नमक हृदय के लिए पूरी तरह सुरक्षित है? यथार्थ सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के कार्डियोलॉजी डायरेक्टर डॉ. बिनय पांडे ने इस विषय पर चौंकाने वाले तथ्यों से पर्दा उठाया है।
सोडियम का स्तर: दोनों में कोई बड़ा अंतर नहीं डॉ. पांडे के अनुसार, यह एक प्रचलित भ्रांति है कि सेंधा नमक साधारण नमक से पूरी तरह अलग है। वास्तविकता यह है कि दोनों का मुख्य घटक ‘सोडियम क्लोराइड’ ही है। हालांकि सेंधा नमक कम प्रोसेस्ड होता है और इसमें पोटैशियम व मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स सूक्ष्म मात्रा में होते हैं, लेकिन ये मात्रा इतनी कम होती है कि हृदय को कोई विशेष सुरक्षा प्रदान नहीं करती।
हृदय के लिए असली खतरा: नमक का प्रकार नहीं, मात्रा विशेषज्ञों का कहना है कि हार्ट अटैक का जोखिम इस बात पर निर्भर नहीं करता कि आप कौन सा नमक खा रहे हैं, बल्कि इस पर निर्भर करता है कि आप कुल कितना ‘सोडियम’ ले रहे हैं। शरीर सेंधा नमक और साधारण नमक से मिलने वाले सोडियम में कोई भेद नहीं करता। सोडियम की अधिकता से रक्तचाप (Blood Pressure) बढ़ता है, जो लंबे समय में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का प्रमुख कारण बनता है।
प्राकृतिक होने का अर्थ ‘असीमित’ नहीं सेंधा नमक को अक्सर लोग बिना किसी डर के अधिक मात्रा में खाते हैं, जो कि खतरनाक हो सकता है। अधिक सोडियम शरीर में पानी रोकता है (Water Retention), जिससे हृदय पर दबाव बढ़ता है और रक्त वाहिकाओं को क्षति पहुँच सकती है। डॉक्टर स्पष्ट करते हैं कि हृदय रोगों का बढ़ता खतरा केवल नमक नहीं, बल्कि प्रोसेस्ड फूड, तनाव, धूम्रपान और शारीरिक सक्रियता की कमी जैसे कारकों का मिला-जुला परिणाम है।
निष्कर्ष: सेंधा नमक अपने आप में हानिकारक नहीं है, लेकिन इसे ‘नेचुरल’ समझकर अधिक मात्रा में लेना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। संतुलित जीवनशैली और नमक का सीमित प्रयोग ही हृदय को सुरक्षित रखने का एकमात्र मार्ग है।
