ऊधम सिंह नगर: अपराधियों का ‘सेफ हेवन’ बनते किराये के कमरे; पुलिस सत्यापन में लापरवाही से बढ़ा हनीट्रैप और नशे का काला कारोबार, ‘ऑपरेशन प्रहार’ शुरू
रुद्रपुर/काशीपुर (ऊधम सिंह नगर)। उत्तराखंड का प्रवेश द्वार और औद्योगिक हब कहा जाने वाला ऊधम सिंह नगर जिला अब बाहरी अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है। जिले के रुद्रपुर, पंतनगर, सितारगंज और काशीपुर जैसे क्षेत्रों में बिना पुलिस सत्यापन के किरायेदार रखना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। हाल की घटनाओं ने यह साबित कर दिया है कि पड़ोसी राज्यों के अपराधी यहाँ किरायेदार बनकर न केवल छिप रहे हैं, बल्कि दुष्कर्म, हनीट्रैप और साइबर ठगी जैसे संगीन अपराधों को अंजाम दे रहे हैं।
केस दर केस: किराये के कमरों की खौफनाक सच्चाई
जिले में पिछले कुछ समय में हुई घटनाओं की फेहरिस्त लंबी है:
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अप्रैल 2026: पटियाला की युवती के साथ रुद्रपुर की एक रिहायशी कॉलोनी में किराये के कमरे में दुष्कर्म का मामला।
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30 मार्च 2026: रामपुर के युवक को हनीट्रैप में फंसाकर लूटने वाले आरोपी भी किराये के कमरे में रह रहे थे।
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फरवरी 2026: ‘जिन्न’ के नाम पर 1.5 करोड़ की ठगी करने वाला फर्जी मौलाना भी किरायेदार बनकर पुलिस की नजरों से बच रहा था।
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देह व्यापार और नशा: 2022 से 2023 के बीच दर्जनों बार किराये के घरों में सेक्स रैकेट और नशे के कारोबार का भंडाफोड़ हो चुका है।
लालच और लापरवाही: मकान मालिकों पर गिरेगी गाज
पुलिस जांच में सामने आया है कि अधिक किराये के लालच में मकान मालिक बिना आईडी और पुलिस वेरिफिकेशन के कमरा दे देते हैं। बॉर्डर क्षेत्र होने के कारण यूपी और अन्य राज्यों के अपराधी यहाँ आसानी से पहचान बदलकर ठिकाना बना लेते हैं। अब पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत सख्त रुख अपनाया है।
एसएसपी का सख्त निर्देश: अब सीधे होगी जेल
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रिहायशी इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। यदि कोई मकान मालिक बिना सत्यापन के किरायेदार रखता पाया गया, तो उसके खिलाफ भारी जुर्माने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
