होली, रमजान और ईद को लेकर मुख्यमंत्री की हाईलेवल मीटिंग; बोले—कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ पर अधिकारियों की भी तय होगी जवाबदेही।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी त्योहारों—होली, रमजान, नवरोज और ईद—को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े निर्देश दिए हैं। शनिवार देर शाम हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रदेश में शांति और सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की जाए जो भविष्य के लिए एक मिसाल या ‘नजीर’ बन जाए। उन्होंने साफ किया कि कानून-व्यवस्था के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अधिकारियों की ‘गर्दन’ पर जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि यदि किसी भी क्षेत्र में सामाजिक विद्वेष फैलाने वाली घटना घटित होती है, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने पिछले 5 वर्षों की घटनाओं का विश्लेषण कर संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सावधानी बरतने और पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
होली के लिए विशेष गाइडलाइंस:
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अभद्र संगीत पर रोक: होली के दौरान किसी भी प्रकार के फूहड़ या अभद्र गीत-संगीत बजाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।
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सौहार्द का संदेश: मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहार उल्लास का प्रतीक हैं, किसी को नीचा दिखाने या आहत करने का माध्यम नहीं।
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पीस कमेटी की बैठकें: होलिका दहन समितियों और शांति समितियों (Peace Committees) के साथ अनिवार्य रूप से संवाद करने के निर्देश दिए गए हैं।
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सुरक्षित होलिका दहन: सुनिश्चित किया जाए कि होलिका दहन केवल सुरक्षित और निर्धारित स्थानों पर ही हो।
त्योहारों के साथ-साथ वर्तमान में बोर्ड परीक्षाएं भी चल रही हैं, जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने बिजली, पानी, साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘सीएम हेल्पलाइन’ और जन-शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर भी जोर दिया।
