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तेल संकट के बीच ईरानी विदेश मंत्री की दो-टूक: अमेरिका और इजरायल के जहाजों पर रहेगा ‘ब्लॉक’, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $100 के पार।

तेहरान/दुबई/मुंबई। पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध के बीच वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की लाइफलाइन कहे जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर ईरान ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। शनिवार को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने घोषणा की कि खार्ग आइलैंड पर अमेरिकी हवाई हमलों के बावजूद होर्मुज की जलसीमा सभी देशों के लिए खुली है, लेकिन अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगियों के जहाजों के लिए यह रास्ता पूरी तरह बंद रहेगा।

ईरान के इस ब्लॉकेड की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों ने 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर लिया है। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस की आपूर्ति इसी संकरे रास्ते से होती है, जिसके ठप होने से पूरी दुनिया में ईंधन का संकट गहरा गया है।

होर्मुज में फंसा वैश्विक व्यापार: एक नजर में

विवरण स्थिति (14-15 मार्च 2026)
कुल फंसे जहाज (28 फरवरी से) लगभग 240 (बल्क कैरियर)
अब तक बाहर निकले जहाज 36 (केवल 15%)
तेल की कीमत $100+ प्रति बैरल
प्रभावित आपूर्ति वैश्विक तेल व LNG का 20%

अराघची ने सोशल मीडिया (X) पर दावा किया कि अमेरिका का ‘सुरक्षा छाता’ अब कमजोर पड़ चुका है और वह इस मार्ग को सुरक्षित करने के लिए अब चीन जैसे देशों से मदद मांग रहा है।

भारत के लिए राहत: ‘दोस्ती’ का मिला फायदा

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत के लिए अच्छी खबर यह है कि ईरान ने भारतीय जहाजों को ‘मित्र राष्ट्र’ का दर्जा देते हुए गुजरने की अनुमति दी है।

  • 4 मार्च के बाद: एक जहाज मुंबई पहुंच चुका है।

  • अगले 48 घंटे: गैस और एलपीजी लेकर आ रहे INS शिवालिक और नंदा देवी के भारत पहुंचने की उम्मीद है।

    भारत में ईरान के राजदूत ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के पुराने साझा हितों और दोस्ती के कारण भारतीय टैंकरों को विशेष छूट दी गई है।

ट्रंप की अपील और अमेरिकी सैन्य प्रहार

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संकट को देखते हुए चीन, फ्रांस, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से होर्मुज में अपने युद्धपोत भेजने की अपील की है। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की नौसेना लगभग समाप्त हो चुकी है और अमेरिका ने अब तक ईरान के 46 जहाजों को डुबा दिया है। इसमें श्रीलंका के पास तबाह हुआ ईरानी जहाज ‘आइरिस डेना’ भी शामिल है, जो भारत में आयोजित ‘मिलन एक्सरसाइज-2026’ से लौट रहा था।

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