पंचांग मतभेद के बीच शुरू हुई होलाष्टक की अवधि, मांगलिक कार्यों पर लगा विराम और साधना का बढ़ा महत्व।
मिर्ज़ापुर। फाल्गुन मास की अष्टमी तिथि के साथ ही देश भर में होलाष्टक का प्रारंभ हो गया है, जिसे लेकर इस वर्ष दो प्रमुख पंचांगों में वैचारिक भिन्नता देखी जा रही है। हृषिकेश पंचांग के अनुसार तिथि क्षय होने के कारण इसकी शुरुआत 23 फरवरी से मानी गई है, जबकि महावीर पंचांग के मुताबिक होलाष्टक आज, 24 फरवरी से प्रभावी हो रहा है। शास्त्र सम्मत मान्यताओं के अनुसार, इन आठ दिनों की अवधि में विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे समस्त मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे, क्योंकि यह समय उत्सव के बजाय आत्म-चिंतन और आध्यात्मिक साधना के लिए समर्पित होता है।
पर्व की तिथियों पर प्रकाश डालते हुए ज्योतिषविदों ने बताया कि होलिका दहन सोमवार, 2 मार्च को संपन्न होगा। दहन के लिए शुभ मुहूर्त मध्य रात्रि 12:50 बजे से 2:02 बजे तक रहेगा। इसके पश्चात 4 मार्च को रंगों की होली हर्षोल्लास के साथ खेली जाएगी। विशेष उल्लेखनीय तथ्य यह है कि 3 मार्च को खंडग्रास चंद्रग्रहण का योग बन रहा है, जो सायं 6:00 बजे से 6:48 बजे तक रहेगा। ग्रहण काल के दौरान सूतक और धार्मिक नियमों के पालन की सलाह दी गई है, जिससे इस वर्ष के होली पर्व पर आध्यात्मिक प्रभाव अधिक गहरा रहेगा।
पौराणिक संदर्भों में होलाष्टक का संबंध भक्त प्रह्लाद की कठिन परीक्षा से जुड़ा है। माना जाता है कि इन आठ दिनों में हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को भक्ति मार्ग से विचलित करने के लिए अनेक यातनाएं दी थीं, किंतु प्रह्लाद की नारायण भक्ति अडिग रही। अंततः होलिका प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठी, जहाँ बुराई रूपी होलिका का दहन हुआ और सत्य के प्रतीक प्रह्लाद सुरक्षित रहे। ‘होलाष्टक’ शब्द स्वयं में आठ अवगुणों—जैसे ईर्ष्या, क्रोध और कठोर वाणी—के त्याग का संदेश समेटे हुए है।
सामाजिक और स्वास्थ्य परंपराओं के दृष्टिकोण से भी यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी शरीर पर सरसों का उबटन लगाकर उसका अंश होलिका में अर्पित करने की परंपरा है, जिसे रोग-निवारण का प्रतीक माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि होलिका दहन केवल लकड़ी और घास का जलाना नहीं है, बल्कि अपने भीतर के अहंकार और नकारात्मकता की आहुति देना है। पर्यावरण की शुद्धता को ध्यान में रखते हुए केवल पारंपरिक पूजन सामग्री और कंडे (उपली) का ही उपयोग करने का आह्वान किया गया है।
