एक को बचाने के चक्कर में काल के गाल में समाते गए पिता, पुत्र और चाचा; जहरीली गैस ने छीन लीं सांसें।
हाजीपुर (वैशाली)। बिहार के वैशाली जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। हाजीपुर के सराय थाना क्षेत्र के अनवरपुर गांव में रविवार को एक पुराने सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस के रिसाव से एक ही परिवार के चार सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में तीन सगे भाई और एक भतीजा शामिल है।
खुशियां मातम में बदलीं: 5 दिन पहले ही हुई थी शादी
इस हादसे की सबसे दुखद बात यह है कि परिवार के सबसे छोटे बेटे राहुल (26) की शादी अभी महज पांच दिन पहले, 24 फरवरी को हुई थी। जिस घर में अभी नई नवेली दुल्हन के आगमन और शादी की शहनाइयों की गूंज थी, वहां अब केवल चीख-पुकार और मातम पसरा हुआ है।
बचाने की कोशिश बनी मौत का जाल
हादसे की शुरुआत तब हुई जब 15 साल पुराने टैंक की सफाई की जा रही थी। शिवजी साह का पोता प्रियांशु (24) अचानक पैर फिसलने से टैंक के अंदर गिर गया। उसे तड़पता देख चाचा राहुल उसे बचाने के लिए नीचे उतरा, लेकिन टैंक में जमा मीथेन और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैसों के कारण उसका दम घुटने लगा। अपने भाई और बेटे को मौत के करीब देख आनंद कुमार (45) और पंकज कुमार (39) भी बिना सोचे-समझे टैंक में कूद गए और ऑक्सीजन की कमी के कारण सभी अचेत हो गए।
फायर ब्रिगेड ने निकाले शव
ग्रामीणों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन गैस इतनी जहरीली थी कि किसी की हिम्मत नहीं हुई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम ऑक्सीजन मास्क पहनकर टैंक में उतरी और चारों को बाहर निकाला। सदर अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान:
-
आनंद कुमार (46 वर्ष): शिवजी साह का बड़ा बेटा।
-
पंकज कुमार (39 वर्ष): शिवजी साह का मंझला बेटा।
-
राहुल कुमार (24 वर्ष): शिवजी साह का छोटा बेटा (नवविवाहित)।
-
प्रियांशु कुमार (18 वर्ष): आनंद कुमार का बेटा।
प्रशासन का रुख और चेतावनी
एसडीएम रामबाबू बैठा और एसडीपीओ गोपाल मंडल ने मौके पर पहुंचकर जांच की और पीड़ित परिवार को सरकारी प्रावधानों के तहत उचित मुआवजे का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि बिना सुरक्षा उपकरणों और ऑक्सीजन मास्क के बंद सेप्टिक टैंकों में उतरना जानलेवा हो सकता है।
