- ‘उत्तराखंड रत्न’ देने की उठी मांग, ‘रियल हीरो’ अवार्ड का भी हुआ ऐलान
- चिकित्सा जगत में वैद्य भंडारी के 15 वर्षों के सेवा-तप का हुआ अभिनंदन
रामनगर। मानवता की सेवा और आयुर्वेद के प्राचीन विज्ञान को अपनी तपस्या से पुनर्जीवित करने वाले गौ मूत्र क्रांति के प्रणेता मशहूर वैद्य प्रदीप भंडारी के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक रहा। पवलगढ़ स्थित संस्थान में आयोजित एक भव्य एवं गरिमामयी समारोह के बीच, शासन के उच्च अधिकारियों, राजनेताओं और सामाजिक हस्तियों ने चिकित्सा के क्षेत्र में उनके अभूतपूर्व योगदान को न केवल सराहा, बल्कि उन्हें सरकारी और संस्थागत सम्मानों से भी नवाजा। कार्यक्रम में वैद्य प्रदीप भंडारी को उत्तराखण्ड रत्न पुरस्कार देने की मांग भी पुरजोर ढंग से उठी।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण वह पल रहा जब उत्तराखंड शासन के सचिव एवं नैनीताल के पूर्व जिलाधिकारी आईएएस दीपेंद्र चौधरी ने मंच पर वैद्य प्रदीप भंडारी को सरकार के आयुर्वेद एवं आयुर्वेद चिकित्सा विभाग की ओर से जारी आधिकारिक प्रशस्ति पत्र भेंट किया। यह सम्मान वैद्य प्रदीप भंडारी द्वारा हजारों असाध्य रोगियों को नया जीवन देने के उनके निस्वार्थ प्रयासों पर दिया गया। इसी मंच से प्राईड ऑफ देवभूमि संस्था ने भी बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि अगले माह देहरादून में आयोजित होने वाले भव्य समारोह में वैद्य प्रदीप भंडारी को रियल हीरो ऑफ देवभूमि अवार्ड से अलंकृत किया जाएगा।सम्मान का सिलसिला यहीं नहीं थमा। मुरादाबाद से आए रोटरी क्लब के पदाधिकारियों ने वैद्य जी की उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें ‘वोकेशनल एक्सीलेंस अवार्ड 2025’ से सम्मानित किया। भाजपा की प्रदेश मंत्री गुंजन सुखीजा ने भी उन्हें प्रशस्ति पत्र सौंपकर अभिनंदन किया। इसके साथ ही बंगाली महासभा और दिल्ली-उत्तर प्रदेश से आए तमाम सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मंच पर वैद्य प्रदीप भंडारी को सम्मानित किया और उनके कार्यों की हृदय से सराहना की।

समारोह में मौजूद वक्ताओं ने वैद्य जी की असाधारण सेवाओं को देखते हुए उन्हें राज्य के सर्वाेच्च नागरिक सम्मान ‘उत्तराखंड रत्न’ से नवाजे जाने की पुरजोर वकालत की। भाजपा प्रदेश मंत्री गुंजन सुखीजा और सचिव दीपेंद्र चौधरी ने सार्वजनिक रूप से आश्वासन दिया कि वे इस जनभावना और मांग को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक प्रमुखता से पहुंचाएंगे। गुंजन सुखीजा ने तो यहाँ तक कहा कि जो कार्य वैद्य जी कर रहे हैं, उसके लिए वे भारत रत्न जैसे सम्मान के भी पात्र हैं।

आईएएस दीपेंद्र चौधरी ने कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा मेरा सौभाग्य है कि मैं पिछले सात-आठ साल से इस गौ मूत्र क्रांति परिवार से जुड़ा हूं। जब मैं पहली बार यहाँ आया था, तो एक जिज्ञासा थी कि बिना किसी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के यहाँ असाध्य बीमारियां कैसे ठीक हो रही हैं? मैंने यहाँ आने वाले मरीजों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनके अनुभव सुने, तब मुझे आयुर्वेद की उस प्राचीन शक्ति पर अटूट विश्वास हुआ। उन्होंने आगे कहा कि आज हम यहाँ केवल एक अभिनंदन के लिए नहीं, बल्कि उस प्राचीन ज्ञान के सम्मान के लिए एकत्र हुए हैं जिसे वैद्य भंडारी ने जीवित रखा है। उन्होंने भविष्य में भी इस अभियान को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।

भाजपा की प्रदेश मंत्री गुंजन सुखीजा ने संबोधन में कहा कि वैद्य प्रदीप भंडारी ने गौ मूत्र क्रांति के माध्यम से न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर सनातन संस्कृति और प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति का परचम लहराया है। उन्होंने पुरजोर शब्दों में कहा कि भंडारी जी की सेवाएं इतनी महान हैं कि उन्हें उत्तराखंड रत्न ही नहीं, अपितु भारत रत्न से भी नवाजा जाना चाहिए। उन्होंने और सचिव दीपेंद्र चौधरी ने मंच से यह विश्वास दिलाया कि इस जनभावना और मांग को वे स्वयं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंचाएंगे ताकि सरकारी स्तर पर भी उनके कार्यों को उचित स्थान मिले।
समारोह के अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए वैद्य प्रदीप भंडारी ने बड़ी विनम्रता के साथ कहा इस सम्मान के वास्तविक हकदार वे ऋषि-मुनि और गुरुजन हैं, जिनकी विद्या को मैं बस जन-जन तक पहुँचाने का एक माध्यम बना हूँ। उन्होंने कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज उन सहयोगियों को सम्मानित करना मेरा लक्ष्य था जिन्होंने न केवल खुद को स्वस्थ किया, बल्कि दूसरों को भी इस मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने समाज को चेताते हुए कहा कि आज की दूषित जीवनशैली हमें विनाश की ओर ले जा रही है, ऐसे में आयुर्वेद की ओर लौटना अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता है। उन्होंने जोर देकर कहा गौ मूत्र और जड़ी-बूटियों में ब्रह्मांड की शक्ति समाहित है, बस जरूरत है पूर्ण विश्वास की। यदि आपने चिकित्सा पर भरोसा कर लिया, तो समझो आपने बीमारी से आधी जंग जीत ली।
समारोह में गौ मूत्र क्रांति परिवार से जुड़े उन सहयोगियों को भी सम्मानित किया गया जो इस सेवा कार्य को जन-जन तक पहुँचाने में अपना योगदान दे रहे हैं।इससे पूर्व कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत छोलिया नृत्य के साथ किया गया। इस अवसर पर एडिशनल कमिश्नर (शुगरकेन) चन्द्र सिंह इमलाल, रामनगर एसडीएम प्रमोद कुमार, कालाढूंगी एसडीएम भूपेन्द्र पंत, पूर्व दर्जा मंत्री राजेश कुमार, बंगाली महासभा के अध्यक्ष राजकुमार साहा,दया किशन बधानी, शंभू दत्त भट्, मीनाक्षी गुरूरानी, प्रियांशु गुरूरानी, डा. अक्षय गुरूरानी, अमन बाली, मनोहर करजोला, रमेश बधानी, माहित भटट, इंतजार हुसैन, भारत राय, दीप छिम्वाल, पूरन छिम्वाल, ज्योति सलवान, सुनील वर्मा , पलविंदर सिंह, मनप्रीत कौर, सरदार सिंह,वाईएस पांगती, संदीप दीक्षित, अभिषेक वर्मा, योगिता अग्रवाल, जीतू अरारा, नेहा पुजारा, ममता सलूजा, देवकी देवी, हरीश वर्मा,पुष्पा डंगवाल,विकास गाबा, शालू ठाकुर, नितिन अग्रवाल, अनुराग अग्रवाल, रजत ,अशोक शर्मा, जेपी पाठक, सुमन वयास, अखिलेश प्रकाश, सुनील कुमार शर्मा, डा. अनिल शर्मा, रागिनी शर्मा, बीना शर्मा केदार सिंह पांगती, ओम गिरिी महाराज,दीवान सिंह बिष्ट श्याम सिंह बिष्ट, मनोहर सिंह, अभिषेक सक्सेना, सत्येनद ्र गौड़ खेम सिंह, हरीश त्रिपाठी, नीरज बिष्ट, मनोज जोशी, लाल सिंह धामी, दीपिका, धीर जोशी, रेखा बधानी, पीसी तिवारी, दीपा देवी, राजेनद्र कुमार, रमेश बधानी, गीता बिश्ट, प ूरन कश्यप, गिरीश भट्ट, प्रकाश आर्य, भुवन सती, केसी सती, शेखर सती, प्रकाश काण्डपाल, मुकुल काण्डपाल, हरीश काण्डलपा, हरीश नेगी, प्रकाश नैनवाल, माधव सिंह बिष्ट आदि सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।
