Screenshot_8

नई दिल्ली : राजधानी के द्वारका क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक बार फिर नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के गंभीर खतरों को उजागर कर दिया है। इस मामले में आरोपी नाबालिग के पिता, नरेंद्र सिंह ने सार्वजनिक रूप से अपने पुत्र के कृत्यों पर गहरा खेद और शर्मिंदगी व्यक्त की है। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए कहा कि वे स्वयं एक पिता हैं और किसी अपने को खोने के दुख को भली-भांति समझते हैं।

हादसे के समय पिता नहीं थे शहर में नरेंद्र सिंह के अनुसार, जिस समय यह दुखद घटना घटी, वे दिल्ली में मौजूद नहीं थे। उन्हें इस घटना की सूचना उनकी पत्नी और स्थानीय पुलिस के माध्यम से मिली, जिसके तुरंत बाद वे हवाई मार्ग से दिल्ली पहुंचे। पिता का दावा है कि उनका बेटा पहले कभी इस तरह बिना अनुमति के गाड़ी लेकर घर से बाहर नहीं निकला था। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना के समय वे घर पर नहीं थे, जिसका लाभ उठाकर नाबालिग वाहन लेकर सड़क पर निकल गया।

पुराने चालानों और उम्र पर स्पष्टीकरण सोशल मीडिया और जांच में सामने आए वाहन के पुराने चालानों पर सफाई देते हुए पिता ने कहा कि वे चालान उनके बेटे के नहीं, बल्कि पूर्व में नियुक्त रहे ड्राइवर की लापरवाही के कारण हुए थे। वहीं, आरोपी की उम्र को लेकर बनी असमंजस की स्थिति पर उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक जांच में पुलिस को गलतफहमी हुई थी, लेकिन आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने के बाद यह प्रमाणित हो चुका है कि आरोपी की उम्र 17 वर्ष (नाबालिग) ही है।

मानसिक तनाव और डिप्रेशन का हवाला पिता ने बताया कि कोर्ट द्वारा छह दिनों की हिरासत के बाद जब से उनका बेटा घर लौटा है, वह गहरे मानसिक तनाव (डिप्रेशन) में है। नरेंद्र सिंह के अनुसार, आरोपी नाबालिग अब अपनी माता से भी बात नहीं कर रहा है और घटना के बाद से पूरी तरह सहमा हुआ है।

प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो का विरोधाभास हालांकि पिता द्वारा माफी मांगी गई है, लेकिन घटना के समय के कुछ वायरल वीडियो एक अलग ही तस्वीर पेश कर रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और वीडियो साक्ष्यों के अनुसार, हादसे के बाद आरोपी और उसकी बहन घटनास्थल से भागने का प्रयास कर रहे थे। स्थानीय लोगों द्वारा रोके जाने पर उन दोनों ने सहानुभूति दिखाने के बजाय लोगों से बदतमीजी की थी। रिपोर्टों के अनुसार, हादसे के वक्त स्कॉर्पियो में रील बनाई जा रही थी, जो इस लापरवाही का मुख्य कारण बनी।

वर्तमान में पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और कानून के अनुरूप आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।

error: Content is protected !!