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देहरादून : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून इन दिनों अपराध की भीषण लहर की चपेट में है। पिछले 15 दिनों के भीतर एक के बाद एक हुई चार सिलसिलेवार हत्याओं ने न केवल पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है, बल्कि आम नागरिकों में भी असुरक्षा का भाव पैदा कर दिया है। ताजा मामला नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र का है, जहाँ आपसी विवाद में एक युवक की हत्या कर उसके शव को जंगल में ठिकाने लगा दिया गया।

दोस्ती पर भारी पड़ा नशा, रेत में दबा मिला शव पुलिस जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि 9 फरवरी को लापता हुए दिगंबर धीमान की हत्या उसके ही दोस्तों ने नशे के दौरान हुए विवाद में कर दी थी। आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को श्यामपुर थाना क्षेत्र स्थित चिड़ियापुर के जंगल में ले जाकर रेत में दबा दिया था। मंगलवार को पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर क्षत-विक्षत शव बरामद किया। परिजनों ने 11 फरवरी को गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

15 दिनों में दहला देहरादून: अपराध का कैलेंडर देहरादून में अपराध का ग्राफ जिस तेजी से बढ़ा है, उसने सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है:

  • 02 फरवरी (गुंजन हत्याकांड): दूल्हा बाजार में सरेआम चापड़ से काटकर हत्या।

  • 11 फरवरी (अर्जुन शर्मा हत्या): तिब्बती मार्केट के बाहर गैस कारोबारी की गोली मारकर हत्या।

  • 13 फरवरी (विक्रम शर्मा मर्डर): सिल्वर सिटी मॉल में झारखंड के गैंगस्टर की दिनदहाड़े हत्या, शूटर अब भी फरार।

  • 17 फरवरी (दिगंबर धीमान): दोस्त द्वारा हत्या का खुलासा।

प्रशासनिक फेरबदल और सरकार की सख्ती लगातार हो रही वारदातों और जनता के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पुलिस व्यवस्था में बड़ा फेरबदल किया गया है। कानून व्यवस्था में ढिलाई बरतने के आरोप में एसएसपी अजय सिंह को हटाकर प्रमेंद्र सिंह डोबाल को देहरादून का नया कप्तान नियुक्त किया गया है।

पुलिस की सक्रियता और भविष्य की चुनौती नए पुलिस कप्तान के पदभार संभालने के साथ ही पूरे जिले में वृहद सत्यापन अभियान शुरू किया गया है और मुखबिर तंत्र को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, सिल्वर सिटी मॉल में हुई हाई-प्रोफाइल हत्या के शूटरों का अब तक पकड़ा न जाना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों में कानून का भय स्थापित करना और नागरिकों का विश्वास जीतना पुलिस की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

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