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ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी दूतावास पर रडार अटैक और आत्मघाती ड्रोन की कोशिश; $150M दीनार के इनाम और विमान हादसे ने बढ़ाई पश्चिम एशिया में तनातनी।

बगदाद/दुबई। पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष अब सीधे तौर पर अमेरिकी राजनयिक ठिकानों और वैश्विक व्यापारिक केंद्रों को अपनी चपेट में लेने लगा है। शनिवार को इराक की राजधानी बगदाद के सबसे सुरक्षित कहे जाने वाले ‘ग्रीन जोन’ में स्थित अमेरिकी दूतावास पर एक बड़ा मिसाइल हमला हुआ। यह मिसाइल दूतावास परिसर के भीतर बने हेलीपैड के पास गिरी, जिससे वहां आग लग गई और धुएं का गुबार आसमान में देखा गया। अधिकारियों के अनुसार, दूतावास के रडार सिस्टम को भी एक आत्मघाती ड्रोन के जरिए निशाना बनाने का प्रयास किया गया था, जिसे सुरक्षा घेरे को भेदने की एक सोची-समझी साजिश माना जा रहा है।

पश्चिम एशिया में सुरक्षा अलर्ट लेवल-4 पर होने के बावजूद यह हमला अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती पेश कर रहा है। हमले के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए हैं जिनमें दूतावास परिसर से काला धुआं निकलता दिखाई दे रहा है। हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग ने अभी तक जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

तनाव के तीन बड़े मोर्चे: एक नजर में

  1. इनामी घोषणा और विमान विवाद: इराकी संगठन ‘इराकी इस्लामिक रेजिस्टेंस’ ने अमेरिकी सैन्य और खुफिया कर्मियों की जानकारी देने पर 150 मिलियन इराकी दीनार (लगभग 95 लाख रुपये) के इनाम की घोषणा की है। साथ ही, संगठन ने अमेरिकी विमान KC-135 को मार गिराने का दावा किया है, जिसमें 6 सैनिकों की मौत हुई है। हालांकि अमेरिका इसे तकनीकी खराबी बता रहा है।

  2. दुबई पर हमला: शनिवार को दुबई पर भी हवाई हमला हुआ। दुबई मीडिया ऑफिस के अनुसार, एक हमले को बीच में ही सफलतापूर्वक रोक दिया गया, लेकिन उसका मलबा शहर के मध्य इलाके की एक इमारत पर गिरा। पिछले 24 घंटों में दुबई पर यह दूसरा हमला है, जिसने खाड़ी देशों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  3. सुरक्षा अलर्ट: बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने इराक के लिए सुरक्षा चेतावनी को बढ़ाकर ‘लेवल-4’ कर दिया है, जो किसी भी देश के लिए उच्चतम स्तर का खतरा माना जाता है।

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