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JDU में आंतरिक घमासान: सांसद गिरधारी यादव की सदस्यता पर मंडराया खतरा; अपनी ही पार्टी के नेता ने लोकसभा स्पीकर से की अयोग्य ठहराने की मांग

पटना/बांका। बिहार की सत्ताधारी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर एक बड़ा राजनीतिक संकट गहराता नजर आ रहा है। बांका से सांसद गिरधारी यादव के खिलाफ उनकी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलेश्वर कामत ने मोर्चा खोल दिया है। कामत ने लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) को पत्र लिखकर गिरधारी यादव को सांसद पद के लिए अयोग्य घोषित करने की औपचारिक मांग की है। उन पर ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ और ‘अनुशासनहीनता’ के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

विवाद की जड़: क्यों निशाने पर हैं गिरधारी यादव?

सांसद गिरधारी यादव और पार्टी नेतृत्व के बीच दूरियां लंबे समय से बढ़ रही थीं। इस विवाद के पीछे तीन मुख्य कारण बताए जा रहे हैं:

  1. SIR पर विवादित बयान: साल 2025 में गिरधारी यादव ने ‘एसआईआर’ (SIR) को लेकर कुछ ऐसी टिप्पणियां की थीं, जिन्हें पार्टी ने अपने आधिकारिक स्टैंड के खिलाफ माना था। इसके लिए उन्हें ‘कारण बताओ नोटिस’ भी जारी किया गया था, जिसका उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं दिया।

  2. बेटे का RJD प्रेम: हालिया विधानसभा चुनाव में गिरधारी यादव के बेटे चाणक्य प्रकाश ने बेलहर सीट से जेडीयू के आधिकारिक उम्मीदवार मनोज यादव के खिलाफ राजद (RJD) के टिकट पर चुनाव लड़ा था। पार्टी का मानना है कि सांसद ने पर्दे के पीछे से अपने बेटे (विपक्षी उम्मीदवार) की मदद की।

  3. दल-बदल विरोधी कानून का खतरा: जेडीयू सूत्रों का कहना है कि सांसद की गतिविधियां स्पष्ट रूप से पार्टी के हितों को नुकसान पहुँचाने वाली रही हैं, जो दल-बदल विरोधी कानून (10वीं अनुसूची) के तहत सदस्यता रद्द करने का आधार बन सकती हैं।

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