आकांक्षा
नई दिल्ली: भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले कुछ दिनों से जारी अनिश्चितता ने आज एक गंभीर मोड़ ले लिया। शुक्रवार को घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में ऐसी तीव्र गिरावट दर्ज की गई, जिसने निवेशकों और आभूषण विक्रेताओं के मध्य चिंता की स्थिति उत्पन्न कर दी है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतें ₹13,000 प्रति किलोग्राम तक लुढ़क गईं, वहीं सोना भी अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर (Life-time High) से काफी नीचे आ गया है।
बाजार का विश्लेषण: रिकॉर्ड स्तर से भारी फिसलन ‘ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन’ द्वारा प्रस्तुत आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को चांदी के मूल्यों में लगभग 4.85% की भारी गिरावट देखी गई। दिल्ली में चांदी का भाव ₹13,000 की कटौती के साथ ₹2,55,000 प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ। इसी क्रम में, 99.9% शुद्धता वाले सोने की कीमत में ₹3,400 की कमी आई, जिससे यह ₹1,57,200 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। आर्थिक विशेषज्ञों का मत है कि कीमतों के शिखर पर पहुंचने के बाद निवेशकों द्वारा की गई व्यापक ‘मुनाफावसूली’ (Profit Booking) ने बाजार पर बिकवाली का दबाव बढ़ा दिया है।
अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य: भारी उतार-चढ़ाव के बीच रिकवरी भारतीय बाजार में जहां गिरावट का दौर रहा, वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में शुक्रवार को अत्यधिक अस्थिरता का वातावरण बना रहा। शुरुआती घंटों में कीमतों में 10% तक की भारी गिरावट के पश्चात, वैश्विक बाजार ने पुन: वापसी करते हुए 4% से अधिक की रिकवरी की। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पॉट सिल्वर अपने निचले स्तर 64.08 डॉलर से उबरकर 74 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई, जबकि स्पॉट गोल्ड भी 4,654 डॉलर के स्तर से सुधरकर 4,887.30 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।
बाजार में गिरावट के मुख्य कारक इस आकस्मिक उठापटक के पीछे प्रमुख भू-राजनीतिक और आर्थिक कारण उत्तरदायी माने जा रहे हैं:
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राजनयिक वार्ता का प्रभाव: ओमान में अमेरिका और ईरान के मध्य संभावित वार्ता के सकारात्मक संकेतों ने वैश्विक तनाव को कम करने की आशा जगाई है। तनाव कम होने की संभावना ने सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में सोने के आकर्षण को सीमित कर दिया है।
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अमेरिकी आर्थिक डेटा: अमेरिका के कमजोर जॉब्स डेटा ने धातुओं को सहारा देने का प्रयास तो किया, किंतु अमेरिकी फेडरल रिजर्व की भविष्य की कठोर नीतियों की आशंका ने निवेशकों को असमंजस की स्थिति में डाल रखा है।
भविष्य की राह: बाजार विश्लेषकों का मानना है कि कीमतों में आई यह गिरावट निवेशकों के लिए एक गंभीर चेतावनी के साथ-साथ भविष्य के लिए एक अवसर भी हो सकती है। वर्तमान में संपूर्ण बाजार की दृष्टि ओमान में जारी अमेरिका-ईरान वार्ता के आधिकारिक परिणामों पर केंद्रित है। यदि यह कूटनीतिक प्रयास सफल रहता है, तो आने वाले समय में बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में और अधिक स्थिरता या आंशिक कमी देखने को मिल सकती है।
