अपनों की साजिशों में उलझा कारोबारी अर्जुन का कत्ल: गैस एजेंसी और 8 करोड़ का कर्ज बना विवाद की धुरी

देहरादून के डालनवाला क्षेत्र में हुए कारोबारी अर्जुन शर्मा हत्याकांड ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पारिवारिक रिश्तों के उस कड़वे सच को भी उजागर किया है जहाँ संपत्ति की खातिर मां और बेटे ही एक-दूसरे के जानी दुश्मन बन बैठे। पुलिस की प्रारंभिक जांच और मृतक की पत्नी अभिलाषा की तहरीर पर अर्जुन की सगी मां बीना शर्मा और उनके सहयोगी विनोद उनियाल समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

साजिशों के केंद्र में गैस एजेंसी और बैंक लोन अर्जुन के पिता स्व. कर्नल रमेश चंद शर्मा की शहादत के बाद भारत सरकार ने उनकी पत्नी बीना शर्मा को गैस एजेंसी आवंटित की थी। पिछले 37 वर्षों से चल रही इस एजेंसी और पैतृक संपत्ति पर बैंक ऑफ बड़ौदा से करीब 8 करोड़ रुपये का लोन लिया गया था, जिसमें अर्जुन गारंटर थे। यही करोड़ों की संपत्ति और रुपयों का लेनदेन इस हत्याकांड की मुख्य वजह बनकर उभरा है।

रिश्तों में दरार और मुकदमों की फेहरिस्त जांच में सामने आया है कि बीना शर्मा और उनके करीबी विनोद उनियाल के बीच घनिष्ठ संबंधों और मोटी रकम के लेन-देन को लेकर अर्जुन का अपनी मां से गहरा विवाद था। विवाद इस कदर बढ़ा कि साल 2024 में मां ने बेटे पर मारपीट का मुकदमा किया, तो 2025 में अर्जुन ने मां और विनोद के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कराई। आलम यह था कि मां ने खुद को बेटे से खतरा बताते हुए हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस सुरक्षा तक ले रखी थी।

फर्जी चेक और सिविल कोर्ट का विवाद हत्या से ठीक 10 दिन पहले, 2 फरवरी को विनोद उनियाल ने अर्जुन पर फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप लगाते हुए बसंत विहार थाने में शिकायत की थी। वहीं, अर्जुन ने अपनी मां द्वारा जीएमएस रोड स्थित संपत्ति को अजय खन्ना को बेचे जाने के खिलाफ सिविल कोर्ट से स्टे (Steth) ले रखा था। मृतक अर्जुन का मानना था कि विनोद उनियाल ने उनकी मां को अपने प्रभाव में लेकर करोड़ों रुपये हड़प लिए हैं।

पुलिस की सुई गैस एजेंसी की ओर सूत्रों के अनुसार, पुलिस की जांच अब उस गैस एजेंसी के इर्द-गिर्द सिमट रही है, जिसे इस पूरी खूनी साजिश की सबसे मजबूत कड़ी माना जा रहा है। कत्ल की इस कहानी में संपत्ति, विवाद और बदले की भावना का ऐसा ताना-बाना बुना गया है, जिसे सुलझाने के लिए पुलिस अब कॉल डिटेल्स और वित्तीय लेन-देन को खंगाल रही है।

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