Screenshot_16

संसद की मुहर: ‘फाइनेंस बिल 2026’ पास; पेट्रोल-डीजल पर घटेगी एक्साइज ड्यूटी, गरीब की थाली पर 0% GST

 संसद ने ‘फाइनेंस बिल 2026’ को अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है, जिसके साथ ही इस वर्ष की बजट प्रक्रिया पूरी हो गई। शुक्रवार को लोकसभा के बाद राज्यसभा ने भी इसे हरी झंडी दिखा दी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार का आगामी रोडमैप आर्थिक स्थिरता और आम आदमी को महंगाई से सीधी राहत दिलाने पर केंद्रित है।

प्रमुख घोषणाएं: आम जनता के लिए क्या बदला?

सरकार ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक परिस्थितियों (विशेषकर मिडिल ईस्ट तनाव) का असर घरेलू बाजार पर कम से कम पड़े, इसके लिए रणनीतिक कदम उठाए गए हैं।

क्षेत्र सरकारी कदम / राहत
ईंधन (Fuel) पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती का एलान, ताकि कीमतें स्थिर रहें।
GST नीति उपभोग (Consumption) आधारित टैक्स; लग्जरी पर ज्यादा, जरूरी सामान पर कम।
राजस्व (Revenue) अब नॉन-टैक्स रेवेन्यू (विनिवेश, लाभांश आदि) के जरिए संसाधन जुटाने पर जोर।
विकास लक्ष्य जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों (DBT) तक पहुँचाना।

GST का ‘गरीब-हितैषी’ ढांचा

वित्त मंत्री ने सदन में उन वस्तुओं की सूची साझा की जिन्हें आम आदमी के बजट को ध्यान में रखते हुए कम टैक्स स्लैब में रखा गया है:

  • 0% GST (पूरी तरह बाहर): चावल, गेहूं, दालें, आटा, ताजे फल-सब्जियां, दूध और अंडे।

  • 5% GST (न्यूनतम टैक्स): चाय, चीनी और खाने का तेल।

  • तर्क: सरकार का मानना है कि आय के आधार पर अलग टैक्स लगाना संभव नहीं है, इसलिए दैनिक उपयोग की वस्तुओं को सस्ता रखना ही महंगाई से लड़ने का सही रास्ता है।

error: Content is protected !!