रुद्रपुर : उत्तराखंड के खाद्य विभाग में बंद राशन कार्डों को दोबारा सक्रिय करने के नाम पर चल रहे एक बड़े अवैध वसूली खेल का पर्दाफाश हुआ है। एक ऑडियो वायरल होने के बाद विभाग में खलबली मच गई है। इस ऑडियो में राशन डीलर यूनियन के एक रसूखदार पदाधिकारी द्वारा राशन कार्ड खुलवाने के बदले लाखों रुपये की उगाही की बात सामने आई है।
25 लाख की उगाही का चौंकाने वाला लक्ष्य वायरल ऑडियो में दावा किया जा रहा है कि केवल ऊधमसिंह नगर जिले से ही 25 लाख रुपये की वसूली का लक्ष्य रखा गया है। ऑडियो में यूनियन का एक बड़ा पदाधिकारी किसी राशन डीलर से सीधे तौर पर कह रहा है कि लालकुआं और तल्ली हल्द्वानी जैसे क्षेत्रों से पैसा पहुंच चुका है। वह डीलर को धमकाते और ललचाते हुए कह रहा है, “जो पैसा देगा, उसी का काम होगा, किसी इंस्पेक्टर से भी पूछ लो।”
15 रुपये प्रति कार्ड का ‘रेट कार्ड’ निर्धारित भ्रष्टाचार का यह खेल इतना व्यवस्थित है कि इसमें प्रति राशन कार्ड 15 रुपये की दर तय की गई है। पदाधिकारी ऑडियो में निर्देश दे रहा है कि दुकान का नंबर और टोटल कार्ड्स की लिस्ट के साथ 50 प्रतिशत कार्ड्स का पैसा आज दोपहर 12 बजे तक जमा करवा दिया जाए। वह यहाँ तक दावा कर रहा है कि यदि काम नहीं हुआ, तो पैसा वापस कर दिया जाएगा।
जिम्मेदारों का पक्ष और विभागीय जांच इस सनसनीखेज खुलासे के बाद राशन डीलर एसोसिएशन के ऊधमसिंह नगर जिलाध्यक्ष राजेंद्र बांगा ने इन आरोपों को निराधार बताया है। वहीं दूसरी ओर, खाद्य विभाग के अपर आयुक्त पीएस पांगती ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो कार्ड सिस्टम से डिलीट हो गए हैं, उन्हें इस तरह नहीं खोला जा सकता। उन्होंने जनता और डीलरों से किसी के भी बहकावे में न आने की अपील की है।
