नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु दिल्ली पुलिस ने अपने विशेष अभियान ‘ऑपरेशन कवच-12’ के तहत व्यापक कार्रवाई की है। पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा के सीधे पर्यवेक्षण में संचालित इस अभियान के दौरान पिछले 24 घंटों में लगभग 25,000 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य आतंकी गतिविधियों पर लगाम कसना और संगठित नार्को-सिंडिकेट को ध्वस्त करना है।
सुरक्षा का अभेद्य चक्र: 1059 टीमों की तैनाती आगामी 26 जनवरी समारोह के मद्देनजर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दिल्ली के सभी 15 जिलों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इसके लिए दिल्ली पुलिस ने 1059 विशेष टीमें गठित की थीं। इस दौरान 4,082 लोगों को एहतियातन हिरासत (Preventive Custody) में लिया गया। पुलिस की इस मुस्तैदी ने असामाजिक तत्वों और सड़क पर सक्रिय अपराधियों के बीच खौफ पैदा कर दिया है।
नार्को नेटवर्क पर प्रहार: 59 तस्कर गिरफ्तार ‘ऑपरेशन कवच-12’ के दौरान नार्को-ऑफेंडर्स के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के तहत 55 नए मामले दर्ज कर 59 ड्रग तस्करों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है। पुलिस का लक्ष्य केवल नशे की आपूर्ति रोकना ही नहीं, बल्कि इसके पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट करना है।
मई 2023 से जारी है ‘ऑपरेशन कवच’ का सफर उल्लेखनीय है कि दिल्ली में नशीले पदार्थों की तस्करी और वितरण को रोकने के लिए मई 2023 में ‘ऑपरेशन कवच’ की शुरुआत की गई थी। अब तक इसके 11 सफल चरण पूर्ण हो चुके हैं और यह 12वां संस्करण सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। पुलिस इस अभियान में ‘टॉप टू बॉटम’ (शीर्ष से निचले स्तर तक) दृष्टिकोण अपना रही है, ताकि बड़े तस्करों से लेकर गली-मोहल्लों में सक्रिय पेडलर्स तक सभी पर शिकंजा कसा जा सके।
राजधानी में हाई अलर्ट गणतंत्र दिवस से पूर्व हुई इस भारी घेराबंदी ने स्पष्ट कर दिया है कि दिल्ली पुलिस किसी भी संदिग्ध गतिविधि के प्रति शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति अपना रही है। फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि ड्रग ट्रैफिकिंग और अपराध के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ा जा सके।
