nainital ice

नैनीताल जनपद के पर्वतीय क्षेत्रों में शुक्रवार को हुए मौसम परिवर्तन ने किसानों और बागवानों की लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा को समाप्त कर दिया है। क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश और ऊँचाई वाले शिखरों पर भारी हिमपात से कृषि और उद्यानिकी क्षेत्र को भारी लाभ पहुँचने की उम्मीद है। लंबे शुष्क अंतराल के बाद हुई इस प्राकृतिक वर्षा ने फसलों को आवश्यक नमी प्रदान की है, जिससे काश्तकारों में हर्ष का माहौल है।

 जनपद के धानाचूली, पहाड़पानी, मुक्तेश्वर, रामगढ़, हरतोला, नथुवाखान, मनाघेर और नाई सहित विभिन्न क्षेत्रों में शुक्रवार को हुई बारिश रबी की फसलों के लिए अमृत समान मानी जा रही है। इस वर्षा से खेतों में लगी गेहूं, सरसों, जौ, मटर और आलू की फसलों को पर्याप्त नमी प्राप्त हुई है। स्थानीय किसान गणेश दत्त जोशी और सुरेश भट्ट ने बताया कि किसान लंबे समय से बादलों की ओर टकटकी लगाए बैठे थे। इस समय हुई बारिश न केवल पौधों का विकास करेगी, बल्कि उत्पादन की गुणवत्ता में भी सुधार लाएगी।

 क्षेत्र के सेब उत्पादकों के लिए यह बर्फबारी किसी तोहफे से कम नहीं है। सेब के बागानों को शीतलन अवधि की सख्त आवश्यकता होती है, जो भारी हिमपात के बाद ही पूर्ण होती है। बागवानों का मानना है कि इस बर्फबारी से आने वाले सीजन में फलों की सेटिंग बेहतर होगी और पैदावार में वृद्धि देखी जाएगी।

जहाँ एक ओर मौसम फसलों के लिए खुशहाली लाया है, वहीं दूसरी ओर भारी बर्फबारी ने सामान्य जनजीवन की रफ्तार को कुछ समय के लिए थाम दिया। शुक्रवार रात पहाड़पानी-धानाचूली मोटर मार्ग पर भारी बर्फ जमा होने के कारण यातायात बाधित रहा, जिससे कई वाहन चालकों और यात्रियों को कड़कड़ाती ठंड के बीच वाहनों में ही रात गुजारने को विवश होना पड़ा। शनिवार सुबह मार्ग से बर्फ हटाने और यातायात सुचारू होने के बाद ही यात्रियों ने राहत की सांस ली।

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