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अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच केन्या ने दिखाया भारत पर भरोसा; 3 लाख टन निर्यात की राह खुली

रूद्रपुर। चावल निर्यात के क्षेत्र में उत्तराखंड की प्रतिष्ठित निर्यातक इकाई, केएलए इंडिया लिमिटेड ने वैश्विक व्यापारिक चुनौतियों के बीच एक और महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। हाल के दिनों में अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए निर्यात प्रतिबंधों के कारण उत्पन्न हुई अनिश्चितता के माहौल में, केएलए ने अफ्रीका के प्रमुख देश केन्या के साथ चावल निर्यात को लेकर एक बड़ा अनुबंध किया है। यह समझौता न केवल कंपनी के लिए, बल्कि पूरे प्रदेश और देश के निर्यात क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संदेश लेकर आया है।

इस व्यापारिक गठबंधन की शुरुआत केन्या से आए एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के दौरे के साथ हुई। मिस्टर ईवांस और उनके सहयोगियों ने किच्छा रोड स्थित केएलए की राइस मिल का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने चावल के उत्पादन, प्रसंस्करण (और पैकेजिंग से जुड़ी बारीकियों को समझा। केएलए के एमडी अरुण अग्रवाल और डायरेक्टर अशोक अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल को चावल की उच्च तकनीक और अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता मानकों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई। मिल की अत्याधुनिक तकनीक और उत्पाद की श्रेष्ठता से प्रभावित होकर केन्याई प्रतिनिधिमंडल ने न केवल संतोष व्यक्त किया, बल्कि केएलए के साथ अनुबंध करते हुए तत्काल प्रभाव से निर्यात के लिए पहला ऑर्डर भी जारी कर दिया।

केन्या और भारत के बीच व्यापारिक संबंधों में आई यह प्रगाढ़ता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि केन्या अपनी गुणवत्ता आवश्यकताओं को लेकर अत्यधिक सजग है। केन्या सरकार ने भारत से होने वाले चावल आयात पर नियंत्रण और गुणवत्ता की निगरानी के लिए भारत सरकार के साथ मिलकर एक विशेष कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी भारत के चुनिंदा और प्रमुख निर्यातकों के साथ सीधे अनुबंध करती है। इसी प्रक्रिया के तहत केएलए का चयन हुआ है, जिससे अब भविष्य में भारत से केन्या को लगभग 3 लाख टन चावल निर्यात होने की प्रबल संभावना बन गई है।

अनुबंध के दौरान एमडी अरुण अग्रवाल ने रेखांकित किया कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण निर्यात क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, ऐसे में अफ्रीका जैसे उभरते बाजार के साथ यह साझेदारी देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस समझौते से न केवल विदेशी मुद्रा का अर्जन होगा, बल्कि निर्यात का यह दायरा भविष्य में और भी विस्तृत किया जाएगा।

गौरतलब है कि केएलए इंडिया लिमिटेड वर्तमान में उत्तराखंड की सबसे बड़ी चावल निर्यातक इकाई है। कंपनी की साख का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में जारी निर्यात इंडेक्स में उत्तराखंड ने असम, हिमाचल प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए पर्वतीय राज्यों की श्रेणी में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। डायरेक्टर अशोक अग्रवाल के अनुसार, उत्तराखंड के बेहतर औद्योगिक वातावरण और किसानों की मेहनत का ही परिणाम है कि प्रदेश का चावल वैश्विक बाजारों में अपनी पहचान बना रहा है। इस अनुबंध के माध्यम से स्थानीय किसानों को उनके फसल का उचित मूल्य मिल सकेगा और वैश्विक स्तर पर उत्तराखंड की व्यापारिक धाक और मजबूत होगी।

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