हजारीबाग में ‘जनाक्रोश’ का लॉकडाउन: 12 वर्षीय मासूम से दरिंदगी के विरोध में विष्णुगढ़ बंद; इंसाफ की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों लोग
हजारीबाग/विष्णुगढ़ (झारखंड)। झारखंड के हजारीबाग जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना के विरोध में आज समूचा विष्णुगढ़ प्रखंड स्वतः स्फूर्त बंद रहा। कोसुंभा गांव में एक 12 वर्षीय मासूम के साथ हुई दरिंदगी और फिर उसकी निर्मम हत्या के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। सोमवार सुबह से ही विष्णुगढ़ और आसपास के इलाकों में दुकानों के शटर गिरे रहे और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, जिससे इलाके में पूर्ण लॉकडाउन जैसी स्थिति नजर आई।
विष्णुगढ़ के सात माइल मोड़ पर आंदोलनकारियों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक इस जघन्य अपराध के दोषियों को गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा नहीं दी जाती, तब तक उनका आंदोलन थमने वाला नहीं है। रविवार शाम को निकाले गए कैंडल मार्च के बाद ही इस बंदी का ऐलान किया गया था, जिसे स्थानीय व्यापारिक संगठनों और आम जनता का व्यापक समर्थन मिला।
अस्पताल मोड़, अखाड़ा चौक और झुमरा बाजार जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों पर सुबह से ही गतिविधियां शून्य रहीं। भाजपा और अन्य सामाजिक संगठनों ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है। प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लिए आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। प्रशासन पर बढ़ते दबाव के बीच पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं, लेकिन घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी मुख्य संदिग्धों की गिरफ्तारी न होने से जनता में भारी असंतोष व्याप्त है।
