पर्याप्त मेमोरी होने के बावजूद क्यों भर जाता है आपका एंड्रॉयड फोन? जानें वे वजहें जो फोन की स्पीड को कर देती हैं सुस्त और बढ़ाती हैं सिरदर्द।
आजकल के ज्यादातर एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स 128GB या 256GB जैसी भारी-भरकम स्टोरेज के साथ आते हैं। इसके बावजूद, कुछ ही महीनों के इस्तेमाल के बाद यूजर्स को ‘Storage Full’ का नोटिफिकेशन सताने लगता है। नतीजा यह होता है कि फोन हैंग होने लगता है और ऐप्स खुलने में समय लेते हैं। असल में, यह समस्या फोन की नहीं, बल्कि हमारी उन आदतों की है जो अनजाने में फोन की मेमोरी को कबाड़ से भर देती हैं।
स्टोरेज भरने के 4 मुख्य ‘विलेन’
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पुराने स्क्रीनशॉट और डुप्लीकेट फोटो: हम अक्सर किसी जानकारी को सहेजने के लिए स्क्रीनशॉट लेते हैं, लेकिन काम होने के बाद उन्हें डिलीट करना भूल जाते हैं। इसके अलावा, एक ही जैसे दिखने वाले कई फोटो गैलरी में जमा होकर काफी जगह घेर लेते हैं।
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मैसेजिंग ऐप्स का ‘कचरा’: WhatsApp और Telegram जैसे ऐप्स पर आने वाले “गुड मॉर्निंग” मैसेज, फालतू के फॉरवर्डेड वीडियो और फोटो डिफॉल्ट रूप से ऑटो-डाउनलोड हो जाते हैं। ये फाइलें कुछ ही हफ्तों में कई GB डेटा जमा कर लेती हैं।
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अनयूज्ड (Unused) ऐप्स: कई बार हम किसी एक काम के लिए कोई ऐप डाउनलोड करते हैं और फिर उसे फोन में ही छोड़ देते हैं। ये ऐप्स न केवल स्टोरेज घेरते हैं, बल्कि बैकग्राउंड में डेटा और बैटरी भी खर्च करते हैं।
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छिपे हुए ‘ऑफलाइन डाउनलोड्स’: YouTube, Spotify या Netflix जैसे ऐप्स में हम वीडियो या गाने ऑफलाइन देखने के लिए डाउनलोड करते हैं। ये फाइलें गैलरी में नहीं दिखतीं, लेकिन फोन की इंटरनल मेमोरी को चुपचाप भर देती हैं।
