सरकारी स्कूल के भीतर आवारा कुत्तों के झुंड ने 4 वर्षीय बालक को किया लहूलुहान; गंभीर चोटों के बाद पीबीएम अस्पताल में जटिल सर्जरी की तैयारी।
बीकानेर। राजस्थान के बीकानेर जिले के ऊपनी गांव स्थित स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में शिक्षा के पहले ही दिन एक चार वर्षीय मासूम के साथ हृदयविदारक हादसा हो गया। स्कूल परिसर के भीतर घुसे आवारा कुत्तों के झुंड ने बालक रामू पर हमला कर उसके सिर की चमड़ी को पूरी तरह नोच डाला। घटना के समय मासूम अपने बड़े भाई के साथ पहली बार स्कूल गया था। कुत्तों के हिंसक हमले के दौरान स्कूल स्टाफ को बच्चे की चीख तक सुनाई नहीं दी, जिसके बाद वहां से गुजर रहे एक ग्रामीण ने साहस दिखाकर बच्चे को कुत्तों के चंगुल से मुक्त कराया।
गंभीर रूप से घायल बालक को तुरंत बीकानेर के पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। ट्रॉमा इंचार्ज डॉ. एल.के. कपिल और पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. एम.एल. काजला के अनुसार, बालक के सिर और कान पर गहरे घाव हैं और कुत्तों ने सिर की खाल का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है। डॉक्टरों ने बताया कि सिर की चमड़ी को पुनर्जीवित करने के लिए स्किन ग्राफ्टिंग और कई चरणों में प्लास्टिक सर्जरी की आवश्यकता होगी। इलाज की यह प्रक्रिया लंबी और जटिल हो सकती है, जिसमें पूरी रिकवरी के लिए करीब एक साल का समय लगने की संभावना जताई गई है।
इस घटना ने स्कूल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था और बच्चों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों में इस लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश है; उनका आरोप है कि स्कूल का मुख्य गेट खुला होने और वहां सुरक्षा गार्ड की तैनाती न होने के कारण ही हिंसक जानवर भीतर प्रवेश कर सके। दूसरी ओर, स्कूल के प्रिंसिपल सुभाष मीणा ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए सफाई दी कि हिंसक कुत्तों की समस्या के बारे में पूर्व में भी स्थानीय प्रशासन को सूचित किया गया था। फिलहाल, उपखंड प्रशासन और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी इस पूरी घटना की जांच कर रहे हैं।
