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दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से मांगी सात दिन की कस्टडी; अब तक 8 आरोपी पकड़े गए, क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच।

नई दिल्ली। भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का आरोप है कि इस पूरे प्रदर्शन और सुरक्षा में सेंध लगाने की घटना के पीछे चिब ने मुख्य साजिश रची और प्रदर्शनकारियों को रसद (Logistics) उपलब्ध कराई। सोमवार को पूछताछ के बाद उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए उनकी सात दिन की रिमांड मांगी है।

इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (इंटर-स्टेट सेल) को ट्रांसफर कर दी गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया था। आरोपियों ने पहले क्यूआर कोड के जरिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया और सुरक्षाकर्मियों की नजरों से बचने के लिए विरोध वाले संदेशों वाली टी-शर्ट अपनी कमीजों के नीचे छिपाकर पहनी थीं। हॉल नंबर-5 की लॉबी में घुसते ही उन्होंने अपनी शर्ट उतार दी और नारेबाजी शुरू कर दी।

अदालत में सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने दलील दी कि यह एक सुनियोजित साजिश थी, जिसमें पुलिस अधिकारियों के साथ मारपीट भी की गई। वहीं, चिब की ओर से पेश वरिष्ठ वकील संजय घोष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी निहत्थे थे और इसे दंगा कहना गलत है। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि गंभीर अपराधों को छोड़कर पुलिस केवल टी-शर्ट बरामदगी को बड़ा मुद्दा बना रही है। पुलिस अब इस विरोध प्रदर्शन के पीछे हुए वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है।

गौरतलब है कि इस मामले में अब तक कुल आठ गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इससे पहले ग्वालियर से तीन आरोपियों—जितेंद्र यादव, राजा गुर्जर और अजय कुमार को पकड़ा गया था, जबकि विरोध वाले दिन ही चार अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था। पुलिस ने एक कार से ऐसी टी-शर्ट और पोस्टर भी बरामद किए हैं, जिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरें और विवादास्पद संदेश छपे थे।

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