डेढ़ घंटे तक चली मैराथन पूछताछ के बाद लिखित आश्वासन पर छोड़ा गया; मृतका के कमरे की भी हुई सघन जांच।
पटना। बिहार की राजधानी में बहुचर्चित नीट छात्रा मौत मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच तेज कर दी है। इसी सिलसिले में सीबीआई की टीम ने पटना स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल की मालकिन नेहा अग्रवाल और दो महिला वार्डन से गहन पूछताछ की। लगभग डेढ़ घंटे तक चली इस कार्रवाई में तीनों से अलग-अलग सवाल-जवाब किए गए। पूछताछ के बाद जांच एजेंसी ने तीनों महिलाओं से भविष्य में सहयोग का लिखित आश्वासन लिया, जिसके बाद उन्हें जाने की अनुमति दी गई।
सीबीआई की इस कार्रवाई के दौरान हॉस्टल परिसर के भीतर और बाहर सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। अधिकारियों ने छात्रा के कमरे की फोरेंसिक स्तर पर जांच की, जिसमें कमरे के सामान, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और अन्य साक्ष्यों का बारीकी से निरीक्षण किया गया। टीम ने मौके पर जरूरी दस्तावेजीकरण और फोटोग्राफी भी पूरी की। जांच के समय हॉस्टल प्रबंधन की मौजूदगी सुनिश्चित की गई थी ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
मामले में हॉस्टल के गार्ड अमरेंद्र की भूमिका भी जांच के दायरे में है। सीबीआई ने अमरेंद्र से विस्तार से पूछताछ की, क्योंकि घटना के समय सबसे पहले वही मौके पर पहुंचा था और छात्रा को नीचे लाया था। एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि उस दिन हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था और गतिविधियों की स्थिति क्या थी। हॉस्टल प्रबंधन से मुख्य रूप से छात्रा की मौत से जुड़ी परिस्थितियों और उनकी प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर सवाल किए गए।
उल्लेखनीय है कि सीबीआई इस मामले में पहले ही जहानाबाद में मृतका की मां और नानी से करीब चार घंटे तक पूछताछ कर चुकी है। इसके अलावा, टीम ने गया स्थित छात्रा के ननिहाल जाकर मामा और अन्य परिजनों के बयान भी दर्ज किए हैं। जांच एजेंसी अब हॉस्टल से मिले साक्ष्यों और परिजनों के बयानों का मिलान कर रही है ताकि मौत के असली कारणों का खुलासा हो सके।
