देहरादून। शिक्षा निदेशालय में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद उपजा विवाद अब माफीनामे तक पहुंच गया है। रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, जो घटना के समय मौके पर मौजूद थे, ने शनिवार को हुई इस अप्रिय घटना पर सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी स्थिति ‘जाने-अनजाने’ में पैदा हुई और वह इसके लिए संबंधित सभी पक्षों से क्षमा याचना करते हैं।
विधायक काऊ ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि वह अपने विधानसभा क्षेत्र के एक विद्यालय के लिए डेढ़ बीघा जमीन दान देने वाले परिवार के साथ निदेशालय गए थे। उनकी मुख्य मांग विद्यालय का नामकरण दानदाता पद्म सिंह रावत के नाम पर करने की थी। चूंकि यह मामला लंबे समय से लंबित चल रहा था, इसलिए चर्चा के दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। विधायक के अनुसार, एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्होंने विवाद को शांत करने का पूरा प्रयास किया, लेकिन इसी बीच यह घटना घट गई।
उमेश शर्मा काऊ ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अपने पुराने संबंधों पर जोर देते हुए कहा कि उन्हें हमेशा सरकारी तंत्र का सहयोग मिला है और उन्होंने भी सदैव कर्मचारियों को उचित सम्मान दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था और कर्मचारी हितों के प्रति अत्यंत गंभीर है। विधायक ने इस पूरे प्रकरण में सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया है।
गौरतलब है कि उत्तराखंड के प्रशासनिक और शिक्षा जगत में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश देखा जा रहा था। विधायक की इस माफी को निदेशालय के भीतर बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और तनाव को कम करने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
