कानपुर (संपादकीय डेस्क): आगामी होली पर्व के अवसर पर यात्रियों की होने वाली भारी भीड़ और ट्रेनों में ‘नो-रूम’ की स्थिति को देखते हुए उत्तर-मध्य रेलवे ने राहत भरा निर्णय लिया है। यात्रियों की सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे दो जोड़ी नई होली स्पेशल ट्रेनें संचालित करने जा रहा है। इसके साथ ही पूर्व से संचालित ११ जोड़ी ट्रेनों की अवधि में भी विस्तार किया गया है। महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि इनमें से अधिकांश ट्रेनें कानपुर के गोविंदपुरी स्टेशन होकर गुजरेंगी, जिससे स्थानीय यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
गोविंदपुरी होकर चलेंगी पटना-नई दिल्ली और शकूरबस्ती-धनबाद स्पेशल उत्तर-मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी के अनुसार, पटना-नई दिल्ली (03293/03294) स्पेशल ट्रेन ५ से १५ मार्च तक प्रतिदिन संचालित होगी। यह ट्रेन पटना से रात ९:०० बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह ०४:४० बजे गोविंदपुरी पहुंचेगी और दोपहर १२:५० बजे नई दिल्ली पहुंचेगी।
वहीं, धनबाद-शकूरबस्ती (03639/03640) स्पेशल ट्रेन सप्ताह में दो दिन (सोमवार और शुक्रवार) चलेगी। यह ट्रेन धनबाद से शाम ०६:३० बजे चलकर अगले दिन सुबह ९:०० बजे गोविंदपुरी पहुंचेगी और शाम को शकूरबस्ती पहुंचेगी। इन ट्रेनों में स्लीपर, एसी और सामान्य श्रेणी के पर्याप्त कोच लगाए गए हैं।
११ जोड़ी ट्रेनों के संचालन में विस्तार त्योहारों के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे ने छपरा-सूरत, अहमदाबाद-दरभंगा, और पटना-अहमदाबाद जैसी महत्वपूर्ण रूटों की ट्रेनों की अवधि मार्च तक बढ़ा दी है। रक्सौल-उधना और दिल्ली-धनबाद जैसी ट्रेनों के फेरे बढ़ने से वेटिंग लिस्ट के यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ गई है।
स्टेशनों के ठहराव में बदलाव और सोनागिर मेला विशेष प्रशासनिक कारणों से ट्रेन संख्या ०३२५७/०३२५८ का ठहराव अब कानपुर सेंट्रल के स्थान पर गोविंदपुरी स्टेशन कर दिया गया है। साथ ही, सोनागिर में आयोजित होने वाले वार्षिक मेले के मद्देनजर ग्वालियर-बरौनी और ग्वालियर-बनारस एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों का १ से १० मार्च तक सोनागिर स्टेशन पर अस्थायी ठहराव सुनिश्चित किया गया है।
प्रमुख ट्रेनों में ‘नो-रूम’ की स्थिति, स्पेशल ट्रेनें ही सहारा यद्यपि होली ३ मार्च को है, परंतु दिल्ली और मुंबई रूट से कानपुर आने वाली नियमित ट्रेनों जैसे कुशीनगर एक्सप्रेस, पुष्पक, और प्रयागराज एक्सप्रेस में अभी से लंबी वेटिंग और नो-रूम की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में रेलवे द्वारा घोषित ये विशेष ट्रेनें यात्रियों के लिए एकमात्र और प्रभावी विकल्प बनकर उभरी हैं।
