मसूरी में जवान की खुदकुशी: पहले भी कर चुका था जान देने की कोशिश, आईटीबीपी कैंप में मची खलबली

मसूरी: उत्तराखंड के मसूरी स्थित आईटीबीपी (ITBP) कैंप से एक दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। यहाँ तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के एक जवान ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना की सूचना मिलते ही विभाग के उच्चाधिकारियों और स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

खिड़की के कुंडे से लटका मिला शव मृतक की पहचान ३८ वर्षीय कांस्टेबल चेतराम मीणा के रूप में हुई है। वह राजस्थान के दौसा जिले के ग्राम भौबता (पोस्ट बसवा) के निवासी थे। चेतराम ने अपने कमरे की खिड़की के कुंडे में नायलॉन की रस्सी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार सुबह जब साथी जवानों ने उन्हें देखा, तो घटना का खुलासा हुआ।

दो माह पूर्व ही मसूरी में हुई थी तैनाती विभागीय सूत्रों के अनुसार, कांस्टेबल चेतराम मीणा यूनिट १४ पिथौरागढ़ में नियुक्त थे और मात्र दो महीने पहले ही उनका स्थानांतरण मसूरी ड्यूटी पर हुआ था। पुलिस ने प्रारंभिक कार्रवाई के तहत मौके की वीडियोग्राफी करवाई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया।

पूर्व में भी किया था आत्मघाती प्रयास प्रारंभिक जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। बताया जा रहा है कि चेतराम मीणा ने इससे पूर्व जुलाई २०२५ में भी पिथौरागढ़ तैनाती के दौरान आत्महत्या का प्रयास किया था। उस समय उन्हें बचा लिया गया था, लेकिन इस बार उन्होंने यह खौफनाक कदम उठा लिया। फिलहाल आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन मामला मानसिक तनाव या व्यक्तिगत कारणों से जुड़ा होने की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई मसूरी पुलिस के अनुसार, मृतक के परिजनों को राजस्थान में सूचना दे दी गई है। उनके आने के बाद और पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने पर ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो पाएगी। आईटीबीपी प्रशासन भी आंतरिक स्तर पर मामले की जांच कर रहा है ताकि जवान के इस कदम के पीछे की वजहों को समझा जा सके।

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