सूर्य ग्रहण 2026: करियर, व्यापार और धन की स्थिति पर कैसा होगा प्रभाव? ज्योतिषीय विश्लेषण
आध्यात्मिक डेस्क: आगामी 17 फरवरी 2026 को वर्ष का प्रथम वलयाकार सूर्य ग्रहण (Annular Solar Eclipse) लगने जा रहा है। खगोलीय दृष्टि से यह एक अद्भुत घटना होगी जिसमें सूर्य के चारों ओर एक चमकदार ‘रिंग’ दिखाई देगी। यद्यपि यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा, जिससे सूतक काल की बाध्यता नहीं रहेगी, किंतु ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इसका प्रभाव वैश्विक और व्यक्तिगत स्तर पर व्यापक रहने वाला है। विशेष रूप से करियर, पद-प्रतिष्ठा और आर्थिक स्थिति पर इसके गहरे संकेत मिल रहे हैं।
ज्योतिष में सूर्य का महत्व और ग्रहण का प्रभाव ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मा, आत्मविश्वास, पद-प्रतिष्ठा, प्रशासन और नेतृत्व का कारक माना जाता है। जब राहु या केतु द्वारा सूर्य का ग्रास किया जाता है, तो सौर ऊर्जा में न्यूनता आती है। ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार, इस दौरान व्यक्ति की निर्णय क्षमता और आत्मबल प्रभावित हो सकता है, जिसके कारण कार्यक्षेत्र में सतर्कता अनिवार्य है।
करियर और नौकरी: संयम और धैर्य की आवश्यकता ग्रहण का सीधा प्रभाव कार्यस्थल पर देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों ने निम्नलिखित सावधानियों की सलाह दी है:
-
विवादों से बचाव: नौकरीपेशा जातकों को कार्यालय में किसी भी प्रकार की राजनीति या वरिष्ठ अधिकारियों से बहस से बचना चाहिए।
-
परिवर्तन को टालें: यदि आप नौकरी बदलने या किसी बड़े प्रोजेक्ट की शुरुआत करने का मन बना रहे हैं, तो ग्रहण के तत्काल बाद का समय इसके लिए अनुकूल नहीं है।
-
प्रशासनिक क्षेत्र: सरकारी सेवा और प्रबंधन से जुड़े व्यक्तियों के लिए यह समय संवेदनशील है। आपके द्वारा लिए गए निर्णय दूरगामी परिणाम देंगे, अतः जल्दबाजी न करें।
आर्थिक स्थिति: निवेश में जोखिम से बचें धन और संपदा के दृष्टिकोण से यह ग्रहण सतर्क रहने का संकेत दे रहा है।
-
निवेश पर नियंत्रण: शेयर बाजार या किसी भी प्रकार के अनिश्चित जोखिम वाले सौदों में निवेश करने से फिलहाल बचना चाहिए।
-
बजट प्रबंधन: इस अवधि में आकस्मिक खर्चों में वृद्धि हो सकती है। पुराने कर्जों या रुके हुए भुगतानों को लेकर चिंता बढ़ सकती है।
-
भविष्य की योजनाएं: यह समय नई शुरुआत के बजाय पुरानी आर्थिक योजनाओं की समीक्षा और उनमें सुधार करने के लिए सर्वोत्तम है।
इन जातकों को रहना होगा अधिक सतर्क जिन व्यक्तियों की कुंडली में सूर्य निर्बल अवस्था में हैं या जिनकी ‘सूर्य की महादशा’ चल रही है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी होगी। विशेषकर सिंह राशि और सूर्य प्रधान नक्षत्रों वाले जातकों पर इसका प्रभाव अधिक देखा जा सकता है। ऐसे में आत्मविश्वास बनाए रखना और पिता तुल्य व्यक्तियों का सम्मान करना लाभकारी सिद्ध होगा।
सकारात्मकता के लिए क्या करें? ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल के दौरान सूर्य मंत्रों का जाप मानसिक शांति प्रदान करता है। महत्वपूर्ण व्यावसायिक निर्णयों को कुछ समय के लिए टाल देना और क्रोध व अहंकार का त्याग करना भविष्य में सुखद परिणाम सुनिश्चित करता है।
