सेहत की कुंजी: भोजन के बाद इलायची चबाना केवल परंपरा नहीं, विज्ञान भी है; जानें इसके चमत्कारी लाभ

भारतीय व्यंजनों में अपनी विशिष्ट सुगंध और स्वाद के लिए पहचानी जाने वाली इलायची केवल एक मसाला मात्र नहीं है। सदियों से चली आ रही भोजन के बाद इलायची चबाने की परंपरा के पीछे गहरे स्वास्थ्य लाभ छिपे हैं। आधुनिक चिकित्सा शोध और विशेषज्ञ भी अब यह मानने लगे हैं कि एक छोटी सी इलायची आपके पाचन तंत्र और मेटाबॉलिक हेल्थ में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।

पाचन क्रिया में सहायक: क्या कहता है विज्ञान? विभिन्न शोध पत्रों (जैसे ‘रिसर्च जर्नल ऑफ फार्मेसी एंड टेक्नोलॉजी’) के अनुसार, इलायची में सिनेओल, लिमोनीन और फ्लेवोनॉयड्स जैसे सक्रिय तत्व पाए जाते हैं। प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. मंजूषा अग्रवाल के अनुसार, भोजन के उपरांत इलायची चबाने से शरीर में लाइपेज और एमाइलेज जैसे पैंक्रियाटिक एंजाइम्स सक्रिय हो जाते हैं। ये एंजाइम्स भोजन को कुशलतापूर्वक तोड़ने और पचाने की प्रक्रिया को तेज करते हैं।

गैस और एसिडिटी से मुक्ति यदि आप अक्सर भोजन के बाद पेट फूलने (ब्लोटिंग) या गैस की समस्या से परेशान रहते हैं, तो इलायची एक प्राकृतिक उपचार साबित हो सकती है। इसमें मौजूद ‘कार्मिनेटिव’ गुण पेट की अंदरूनी परत की सूजन को शांत करते हैं, जिससे एसिड रिफ्लक्स और हार्टबर्न जैसी समस्याओं में कमी आती है। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण पाचन मार्ग को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

सांसों की ताजगी और मौखिक स्वास्थ्य इलायची प्राकृतिक ‘एंटी-माइक्रोबियल’ गुणों से भरपूर होती है। इसे चबाने से न केवल मुंह की दुर्गंध दूर होती है, बल्कि यह लार (Saliva) के प्रवाह को भी बढ़ाती है। बढ़ा हुआ लार प्रवाह मुंह के सूखेपन को कम करता है और दांतों की प्राकृतिक सफाई में सहायक होता है।

सावधानी और सही तरीका विशेषज्ञों के अनुसार, औषधीय लाभ के लिए हरी इलायची का सेवन सर्वोत्तम है। भोजन के बाद एक इलायची के बीजों को धीरे-धीरे चबाना पर्याप्त होता है। हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों में सावधानी आवश्यक है:

  • पित्त की पथरी से पीड़ित रोगियों को इसके सेवन से बचना चाहिए।

  • गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसे नियमित रूप से लेना चाहिए।

  • अत्यधिक मात्रा में सेवन से गले में खुजली या पेट की समस्या हो सकती है।

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