ऋषिकेश। उत्तराखंड में मानव और वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इसी क्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने एम्स ऋषिकेश पहुंचकर भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल ज्योति देवी का हाल जाना। पौड़ी जनपद के खंडूली गांव निवासी ज्योति देवी पर भालू ने उस समय हमला किया था जब वह अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थीं।
परिजनों से मुलाकात और मदद का आश्वासन अस्पताल में उपचाररत ज्योति देवी के परिजनों से मुलाकात के दौरान गणेश गोदियाल ने उन्हें सांत्वना दी और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने चिकित्सकों से भी बातचीत कर घायल महिला के समुचित उपचार और स्वास्थ्य लाभ की जानकारी ली।
सरकार के वन्यजीव प्रबंधन पर तीखा प्रहार इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए गणेश गोदियाल ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों में भालू व अन्य जंगली जानवरों के हमलों की बढ़ती संख्या अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। गोदियाल ने इन घटनाओं को महज हादसा मानने से इनकार करते हुए इन्हें राज्य सरकार की लापरवाही का नतीजा बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और वन विभाग का वन्यजीव प्रबंधन पूरी तरह विफल साबित हुआ है। गोदियाल ने कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों में हमारी माताएं, बहनें और बुजुर्ग डर के साये में जीने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार आंखें मूंदकर बैठी है। सरकार के पास इन हमलों को रोकने के लिए न तो कोई ठोस नीति है और न ही कोई प्रभावी कार्ययोजना।”
उपस्थित गणमान्य महिला का हाल जानने पहुंचे इस प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस नेता जयेंद्र रमोला, ललित मोहन मिश्र, हिमांशु जाटव और हिमांशु कश्यप समेत कई प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में सरकार से प्रभावित परिवारों के लिए उचित मुआवजे और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की।
