मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में पुलिस ने ‘जिम धर्मांतरण’ मामले में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। देहात कोतवाली पुलिस ने इस संगठित गिरोह के सक्रिय सदस्य मौलवी खलीलुर्रहमान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जांच में यह खौफनाक सच सामने आया है कि किस तरह ताबीज, वशीकरण और आधुनिक तकनीक (AI) का सहारा लेकर हिंदू युवतियों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था।
ताबीज और भूत-प्रेत की आड़ में ब्रेनवाश एएसपी ऑपरेशन मनीष कुमार मिश्रा के अनुसार, गिरफ्तार मौलवी खलीलुर्रहमान जादुई ताबीज और भूत-प्रेत उतारने के नाम पर भोली-भाली महिलाओं और युवतियों को अपने जाल में फंसाता था। मौलवी धर्म के नाम पर महिलाओं को भ्रमित करता था और उन्हें इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित करता था। बताया गया है कि वह पिछले छह वर्षों से एक मस्जिद में नमाज पढ़ा रहा था और इसी की आड़ में उसका धर्मांतरण का धंधा फल-फूल रहा था।
AI और ब्लैकमेलिंग का गंदा खेल जांच में खुलासा हुआ है कि जिम ट्रेनर्स लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर मौलवी के पास लाते थे। जो लड़कियां उनके बहकावे में नहीं आती थीं, उन्हें डराने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के जरिए उनके अश्लील वीडियो बनाए जाते थे। गिरोह के सदस्यों ने अब तक 50 से अधिक लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाए थे, जिनमें से 30 से अधिक को ब्लैकमेल कर जबरन कलमा पढ़वाया गया और उनका धर्म परिवर्तन कराया गया।
संगठित सिंडिकेट और पुलिस की कार्रवाई यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। गिरोह का सरगना इमरान खान पहले से ही पुलिस कस्टडी में है, जिसकी पूछताछ के बाद ही मौलवी की गिरफ्तारी संभव हो सकी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस सिंडिकेट में एक हेड कांस्टेबल इरशाद खान भी शामिल था, जिसने खुद भी एक हिंदू युवती से निकाह किया था, जिसे इसी मौलवी ने संपन्न कराया था।
वाराणसी से भी जुड़ा है कनेक्शन मौलवी खलीलुर्रहमान का आपराधिक इतिहास पुराना है। साल 2023 में वाराणसी के लोहता थाने में भी उसके खिलाफ धर्म परिवर्तन कराकर निकाह कराने का मामला दर्ज है। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक कुल कितनी महिलाओं का शिकार किया है। गिरोह का एक अन्य सदस्य ‘लकी अली’ अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें चंडीगढ़ तक दबिश दे रही हैं।
